लॉकडाउन में ये उपन्यास पढना काढ़ा पिने से कम नही
https://www.amazon.in/dp/1649512562 मोबाइल के टिप टाप से अच्छा इस किताब को पढ़े ये काढ़ा है आत्मा को बूस्ट करने के लिए क्योंकि खाली और लंबा समय घर में अब लोग इसकी वजह से मानसिक बीमार भी होने लगे है जो लोग किताब पढने के शौक़ीन है उनके लिए तो रामबाण है https://www.amazon.in/dp/1649512562 यूँ समझिए तो बूस्टर है और ये जो लोग नहीं पढ़ते दिन भर मोबाइल में टिप टाप कर रात में सोते वक्त तकिए के पास अपना मोबाइल ऐसे रखते है जैसे की कोई खजाना हो सुबह आँख खुलते ही सबसे पहले मोबाईल का डाटा खोलते है और फिर सफरनामा शुरू हो जाता है दिन भर का अब इससे कोई अछूता नही क्या बड़े, क्या बूढ़े, क्या बच्चे आजकल सबको टिप टाप की लत लग गई है इस लत ने लॉक डाउन में और बढ़ा दिया बहुत कम लोग है जो अब उपन्यास के पन्नो को पलट इसकी महक महूस करते है या कागज में लिखे स्याह में खुद तलाशते है और सबसे दुःख की बात ये है की हम अपने आने वाले समाज के बच्चों को भी ये सिखा नही पा रहे की किताबों से प्यार करो मगर इस लॉक डाउन किताब को पढ़ा जाना चाहिए ये किताब बिहार के ह...