सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले को क्यों जाने
सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका को याद करना क्यों जरूरी है जो देश को सभ्य बनाने वाली एक महान महिला को याद करने का दिन है। सावित्रीबाई फुले वो महिला हैं जिन्होंने ब्राह्मणों के द्वारा कीचड़ और गंदगी फेंके जाने के बावजूद ओबीसी और दलित लड़कियों के लिए स्कूल खोला। सावित्रीबाई वो महिला हैं जो फूल और सब्जियां बेचकर, गद्दे, रजाई और कपड़े सिलकर अपना परिवार चलातीं थीं। सावित्रीबाई जब ओबीसी दलितों की बेटियों को पढ़ाने जाती थीं तब दो साड़ियाँ लेकर निकलती थीं। रास्ते मे ब्राह्मण उनपर कीचड़, गोबर आदि फेंकते थे। सावित्रीबाई स्कूल पहुंचकर साड़ी बदलकर बच्चों को पढ़ाती थीं और फिर लौटने के लिए गंदी साड़ी पहन लेती थीं। ये उनका संघर्ष था शूद्रातिशूद्रों के कल्याण के लिए। सावित्रीबाई फुले वो महिला हैं जिन्होंने ओबीसी और दलित गरीबों की सेवा करते हुए अपनी जान दे दी। जब ओबीसी और दलितों की बस्तियों में प्लेग की बीमारी फैली तब सावित्रीबाई फुले ने रात दिन एक करके बीमारों की देखभाल की। इसी बीमारी के संक्रमण से उनकी मृत्यु हुई। आप सावित्रीबाई, ज्योतिबा, बिरसा मुंडा, डॉ. अ...