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हर रोज बलात्कार जैसी घटनाएं वाली स्थिति का जिम्मेदार कौन है खुद के अंदर झांकने की जरूरत है

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अब जरूरी है कि सभी आपने अंदर झांक के खुद कितने संवेदनसील है रेप का मामला जब आता है लोग फेसबुक के माध्यम से अपना विरोध जताते है मगर जब जमीनी अस्तर पे आवाज उठाने की नौबत आती है लोग भागने लगते है कि दिनों सभी बालिका गृह में हुए घटना को ले के काफी रोष दिखाया सच तो हर रोज आपके आस पास गलत हो रहा होता है और आप चुप रहते है जरूरत है ये समझने की हम सच मे कितने सम्वेदन सील है  रायटर्स फाउंडेशन के 550 एक्सपर्ट के द्वारा किये गए सर्वे में भारत का महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश के रूप में सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण और पूरे देशवासियों के लिए शर्म से झुकानेवाला है।  भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण कारण भारतीय नारी ही रही है। ऐसी स्थिति में ये शर्म से झुकानेवाले रिपोर्ट चिंतन को मजबूर तो करता है। और ऐसी स्थिति में इस लोकतंत्रात्मक संरचना में सरकार चाहे कोई भी रहे अगर बहुत सजग और संवेदनशील है तो कुछ हद तक योजना चलाने और कार्रवाई करने तक के दालोगों की नैतिकता न जाने कहा चली गयी है। दो परिवार के झगड़े में किसी एक का इज्जत बर्बाद करने के लिए बेटियों का बलात्कार कर बदला लिया जाता हो। मतलब इज्जत की ठ...
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शिक्षित होना हर बच्चे का अधिकार है हमे शिक्षा को लेकर हमारा नजरिया बदलने की जरूरत है। हम सभी अपने बच्चों को सबसे आगे देखना चाहते है पूरी कोशिश करते वो सबसे ज्यादा नंबर लाए बच्चों से ज्यादा अभिभावक परेशान रहते है मगर कभी समय निका ल के उन बच्चों के बारे में सोचिये जो अपनी घर की जिम्मेवारियों के वजह से बाल मजदूरी में फंसे रहते है हम सभी का ये फर्ज  बनता है कि अगर एक बच्चे की भी शिक्षा में मदद कर पाए तो सही मायने में शिक्षित होने का दायित्व निभा पाएंगे  महत्व हर इंसान अपनी-अपनी समझ के अनुसार आंकता है। कोई इसे नौकरी पाने के लिए जरूरी समझता है तो कोई इसे ज्ञानवर्धन का जरिया मानता है। मगर मुझे लगता है सही मायने में शिक्षित वही है जो हर हाल में उसे अपना कर्तव्य समझकर  करे और वो भी ऐसे जिससे समाज का भला हो जो इस बात को समझ गया वो शिक्षा का सही अर्थ समझ जाएगा और जब ऐसा होगा तभी शिक्षा से जुड़े हुए लोग और तंत्र शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सुधार ला पाएंगे। शिक्षा की समझ और कर्तव्य का बोध हम सभी को होना चाहिए।