बच्चे गोद ले इनको आपके सहारे की जरूरत है


कई शिशु ग्रह दत्तक संस्थान में बच्चे पल रहे है ढाई साल की बच्ची को माता-पिता का आसरा मिल गया। नागपुर के दंपत्ति   ने बेटी को गोद लिया। मुझे लगा क्यों न ये आप तक पहुँचे ताकि लोग ये समझ सके इस तरह के बच्चों की भी एक दुनिया है जहाँ बच्चे एडॉप्शन एजेंसी में रहते वो मासूम बच्चे जिन्हें लावारिश हालात में छोड़ दिया जाता है इनको ये एजेंसी पालन पोषण करती है मगर सवाल ये है कि बच्चे गोद लेने की प्रक्रिया का प्रचार प्रसार बहुत जरूरी है जो मुझे लगता है हर जिलों में होना चाहिए। कई लोग ऐसे है जो बच्चे  को गोद लेना चाहते है मगर जानकारी न होने की वजह से ले बच्चे को गोद नही ले पाते ये उन बच्चों की वैसी दुनिया है जहाँ उनको माता पिता का प्यार का आभाव रहता है इनको आंखों में प्यार का इंतजार होता है वैसे जब आप इनसे मिलेंगे तो आपके चेहरे पे हंसी होगी मगर इस हंसी के पीछे दर्द होता है अपने के नही होने का।

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